Father Of the Nation: Mahatma Gandhi

11. गांधी जी ने असहयोग, अहिंसा तथा शांतिपूर्ण प्रतिकार को अंग्रेजों के खिलाफ़ शस्त्र के रूप में उपयोग किया
12. वे भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलनके एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे
13. पंरपरागत भारतीय पोशाक धोती और सूत से बनी शॉल पहनी जिसे उसने स्वयं ने चरखे पर सूत कात कर हाथ से बनाया था
14. उन्होंने आत्म-निर्भरता वाले आवासीय समुदाय में अपना जीवन गुजारा किया
15. दिसंबर १९२१ में गांधी जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस.का कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया

16. गांधी जी सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे और १९२० की अधिकांश अवधि तक वे स्वराज पार्टी और इंडियन नेशनल कांग्रेस के बीच खाई को भरने में लगे रहे
17. द्वितीय विश्व युद्ध १९३९ में छिड़ने नाजी जर्मनी (Nazi Germany) आक्रमण पोलैंड.आरंभ में गांधी जी ने अंग्रेजों के प्रयासों को अहिंसात्मक नैतिक सहयोग देने का पक्ष लिया
18. अपनी मांग को अंग्रेजों को भारत छोड़ो (Quit India)नामक एक विधेयक देकर तीव्र कर दिया
19. ३० जनवरी, १९४८, गांधी की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई
20. गांधी का हत्यारा नाथूराम गौड़से हिन्दू राष्ट्रवादी थे जिनके कट्टरपंथी हिंदु महासभा के साथ संबंध थे जिसने गांधी जी को पाकिस्तान को भुगतान करने के मुद्दे को लेकर भारत को कमजोर बनाने के लिए जिम्मेदार ठहराया था
21. एक बार साउउथ आफ्रिका ( South Africa ) में गाँधीजी को टिकेट होने के बावजूद भी उन्हे ट्रेन से बाहर निकाल दिया गया.
22. गाँधीजी १९२० ( 1920 ) के दौरान पॉलिटिक्स ( politics ) से दूर रहे
23. १९३० ( 1930 ) मार्च में नमक पर टॅक्स के खिलाफ गाँधीजी ने सत्य्ग्रह किया
24. यह ” सॉल्ट मार्च ” ( Salt March ) ( Dandi March ) १२ मार्च ( 12 March ) से ले कर ६ अप्रैल ( 6 April ) तक आहमेदबाद से दांडी तक किया गया.
25. ये पूरा मार्च ३८८ ( 388 ) किलोमेटेर का था .
26. यह सबसे मशहूर हुआ अँग्रेज़ों को हिलाने के लिए और अँग्रेज़ों ने इसका जवाब, ६०,००० ( 60,000 ) लोगों को गिरफ्तार कर के दिया.
27. गाँधीजी की जीवन शैली ने कई महानुभवों को प्रवाभित किया जिनमें से हैं डा:मार्टिन लूथेर, नेल्सन मंडेला तथा स्टीव बीको.
28. गाँधीजी को पाँच बार नोबेल पुरूस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन वो कभी लेने नहीं गये.
29. १९४८ ( 1948 ) में, जिसमें उनकी मृत्यु हुई थी, नोबेल पुरूस्कर किसी को नहीं दिया गया, क्यूंकी तब कोई जीवित व्यक्ति इस लायक ही नहीं था.
30. दूसरे विश्व युध ( Second World War ) के पहले कुcच सालों में गाँधीजी ने भारत छ्चोड़ो आंदोलन तेज़ कर दिया जिसके फलनुसार उन्हे ९ अगस्त, १९४२ ( 9 august, 1942 ) में गिरफ्तार कर लिया गया.
31. २ ( 2 ) साल तक तो क़ैद में ही रहे और उनके बाहर आने से ३ ( 3 )महीने पहले, फ़रवरी, १९४४ ( 1944 ) में उनकी पत्नी की मृत्यु उसी जेल में हो गयी.
32. २० जनवरी, १९४८ ( 20 january, 1948 ) को गोडसे और अन्य साथियों ने मिलकर गाँधीजी को मारने का प्लान बनाया जब गाँधीजी ने बिराल हाउस, दिल्ली में स्पीच देने जाना था.
33. उनमें से एक व्यक्ति, मांडला पाहवा ने किसी तरह हाउस में घुसकर बॉम्ब पोडियम के पास रख दिया, लेकिन उनको कामयाबी हासिल ना हो सकी क्यूंकी, बॉम्ब गाँधीजी की स्पीच से पहले ही फॅट गया.
34. पाहवा को तो गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन गोडसे वहाँ से भाग निकला.
35. अपनी पूरी ज़िंदगी में उन्हें ६ ( 6 times ) बार इसी तरह मौत का सामना करना पड़ा.
36. एक बार साउउथ आफ्रिका में गाँधीजी को टिकेट होने के बावजूद भी उन्हे ट्रेन से बाहर निकाल दिया गया.
37. गाँधीजी के मेमोरियल पर ये शब्द लिखे हुए हैं ” हे राम ” ( Hey Ram ).
38. गाँधीजी का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज़ों के साथ ही किया गया और उनकी अस्थियों को वहीं विसरजित किया गया जहाँ उनकी पत्नी की मृत्यु हुई थी, आगा ख़ान पॅलेस, पुणे ( Agha Khan Palace, Pune ) में.
39. गोडसे ने गोली मारने के बाद भागने की कोशिश नहीं की और नारायण आप्टे समेत दोनो को जैल की सज़ा हुई.
40. उन्होने अपने जीवन के सारे लम्हे एक किताब में पिरो दिए. गाँधीजी ने आत्ममकथा लिखी, जिसका नाम है, ” द स्टोरी ऑफ माई एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रूथ “( The Story of my experiments with truth ).
41. आज़ादी के अलावा, गाँधीजी ने बॉल विवाह, सती , परदा आदि बुराइयों के खिलाफ भी विरोध किया.
42. गाँधीजी ने छ्होटा चरखा भी इजात किया जिसे फोल्ड करके कहीं भी ले के जाया जा सकता है.
43. उनका जनमदिन २ अक्टोबर ( 2nd October ) के दिन राष्ट्रीय छुटटी होती है
44. और ३० जन्वरी ( 30th January ) शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है..